aum2Tere pujana ko bhagvaan

किसने देखी तेरी माया ? किसने भेद तेरा है पाया ?
ॠषि मुनि हारे कर ध्यान, बना मन मन्दिर आलीशान ‌। 

Kisne dekhí terí máyá? Kisne bhed terá hai páyá?
Rishi muni háre kar dhyán, baná man mandír álíshán. 

किसने देखी तेरी सुरत, कौन बनावे तेरी मूरत,
तू है निराकार भगवान, बना मन मन्दिर आलीशान ‌। 

Kisne dekhí terí surat , kaun banáve terí múrat,
Tú hai nirákár bhagván, baná man mandir álíshán.

यह संसार है तेरा मन्दिर, तू रमा है इसके अन्दर,
करते ॠषि मुनि सब ध्यान, बना मन मन्दिर आलीशान ‌‌।

Yah sansár hai terá mandir, Tú ramá hai iske ander,
karte rishi muni sab dhyán, baná man mandir álíshán.

तू हर गुल में तु बुलबुल में, तू हर शाख में तू हर पात में,
तू हर दिल में प्रभु को मान, बना मन मन्दिर आलीशान ‌‌।

Tú har gul men tu bulbul men, Tú har shákh men Tú har pát men,
Tú har dil men prabhu ko mán, baná man mandir álíshán.

सागर तेरी शान बढ़ावे, पर्वत तेरी शोभा गावे,
तेरे रूप अनूप महान, बना मन मन्दिर आलीशान ‌‌।

Ságar terí shán banáye, parvat terí shobhá gáve,
tere rúp anúp mahán, baná man mandir álíshán.

तू ने राजा रंक बनाये, तूने भिज्ञुक राज बिठाये,
तेरी लीला ईश महान्, बना मन मन्दिर आलीशान ।‌‌

Tú ne rájá rank banáye, Túne bhighyuk ráj bitháye,
terí lílá irsh mahán, baná man mandir álíshán.

झूठे जग की झूठी माया, मूरख सदमें क्यों भरमाया,
कर कुछ जीवन का कल्याण, बना मन मन्दिर आलीशान ‌‌।

Jhúthe jag kí jhútí máyá, múrakh sadmen kyon bharmáyá,
Kar kuch jívan ká kalyán, baná man mandir álíshán.