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Prabhují shuddh karo mere man ko.

प्रभुजी शुध्द करो मेरे मनको |

Prabhují shuddh karo mere man ko.

पापी मन मम रुकत न रोके, धीरे धरे नहि छिन को |

Pápí man mam rukat na roke, dhíre dhare nahi chhin ko.

रैन दिना विषयन में भटकत, सोचा न तनिक धरम को |

Rain diná vishayan men bhatkat, sochá na tanik dharm ko.

धनके लिए त्याग निज गौरव, आस प्रभु जन जन को |

Dhanke liye tyág nij gaurav, ás Prabhu jan jan ko.

अमृत रूप सदा तव प्रीति, खोया अमी रतन को |

Amrit rúp sadá tav príti, khoyá amí ratan ko.

कबहुँ न सत्य परायण होकर, आया तेरी शरण को |

Kabahun na satya paráyan hokar, áyá Terí sharan ko.