आओ आओ दीप जलाएं, आई आज दिवाली |
सुन्दर स्वच्छ बना मन मन्दिर, नव उमंग मन हर्षानी ||

Áwo áwo díp jaláyen, áí áj Diválí.
Sundar svacchh baná man mandir, nav umang man harshání.

पुण्य पर्व है यह प्रकाश का, ऐसी सब को दो उजियाली |
दुख दरिद्र अन्धकार मिट जावे, घर घर हो खुशयाली ||

Punya parva hai yah prakásh ká, aisí sab ko do ujiyálí,
Dukh daridra andhakár mit jáve, ghar ghar ho khushyálí.

काली कर्तूतों की जननी, होती रजनी सारी काली |
ज्योति जगा कर इसे मिटा दो, हट जाये कंगाली ||

Kálí kartuton kí janani, hotí rajní sárí kálí,
Jyoti jagá kar ise mitá do, hat jáye kangálí.

शस्य श्यामली भूमि हमारा, लहराए सब खेती हरयाली |
धन वैभव सम्पन्न देश हो, बन जाए सभी बलशाली ||

Shashya shayámalí bhumi hamárá, lahráe sab khetí haryálí,
Dhan vaibhav sampann desh ho, ban jáe sabhí balshálí.